IGNOU Passing Marks Out of 100: पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए? जानिए पूरा सच

IGNOU Passing Marks Out of 100: पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए? जानिए पूरा सच

IGNOU Passing Marks Out of 100: पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए? जानिए पूरा सच




इन्दिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) से पढ़ाई कर रहे छात्रों के बीच सबसे बड़ा कन्फ्यूजन इसके पासिंग मार्क्स को लेकर होता है। अक्सर छात्रों को लगता है कि हर कोर्स में पास होने के लिए 33% नंबर लाना ही काफी है, जैसा कि आम तौर पर अन्य बोर्ड या यूनिवर्सिटीज में होता है। लेकिन इग्नू का नियम थोड़ा अलग और अनोखा है।

यदि आपका कोई पेपर 100 नंबर का है, तो आपके लिए पासिंग मार्क्स इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप बैचलर डिग्री (UG) के छात्र हैं या मास्टर डिग्री (PG) के। आइए इस पूरे गणित को बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं ताकि आपके ग्रेड कार्ड पर कभी भी 'Not-Completed' न लिखा आए।

1. बैचलर डिग्री (Undergraduate) के लिए पासिंग मार्क्स

अगर आप इग्नू से कोई भी बैचलर डिग्री कोर्स जैसे BAG, BCOMG, BSCG, BA (Honours), या BCA कर रहे हैं, तो आपके लिए पासिंग प्रतिशत 35% निर्धारित किया गया है।

  • थ्योरी एग्जाम (100 में से): आपको 100 नंबर के टर्म एंड एग्जाम (TEE) में पास होने के लिए कम से कम 35 नंबर लाने होंगे।

  • असाइनमेंट (100 में से): असाइनमेंट में भी पास होने के लिए आपको 100 में से कम से कम 35 नंबर स्कोर करने होंगे।

⚠️ ध्यान दें: अगर आपका थ्योरी पेपर 50 नंबर का है, तो आपको पास होने के लिए 18 नंबर (35% के हिसाब से) लाने होंगे।

2. मास्टर डिग्री (Postgraduate) के लिए पासिंग मार्क्स

अगर आप इग्नू से कोई मास्टर डिग्री कोर्स जैसे MEG, MHD, MCOM, MBA, या MCA कर रहे हैं, तो आपके लिए नियम थोड़े कड़े हैं। यहाँ पासिंग प्रतिशत 40% होता है।

  • थ्योरी एग्जाम (100 में से): मास्टर डिग्री के छात्रों को 100 नंबर के पेपर में पास होने के लिए न्यूनतम 40 नंबर लाने ही होंगे।

  • असाइनमेंट (100 में से): इसी तरह, प्रत्येक असाइनमेंट में भी 100 में से कम से कम 40 नंबर लाना अनिवार्य है।

3. सबसे बड़ी गलती: थ्योरी और असाइनमेंट का अलग-अलग पास होना

इग्नू का सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि आपको थ्योरी एग्जाम और असाइनमेंट दोनों में अलग-अलग पास होना पड़ता है।

कई छात्र सोचते हैं कि अगर असाइनमेंट में 80 नंबर आ गए और थ्योरी में सिर्फ 20 नंबर आए, तो दोनों मिलाकर 100 हो गए और वे पास हो गए। यह बिल्कुल गलत है! अगर आप किसी एक में भी फेल हो जाते हैं, तो आपके ग्रेड कार्ड (Grade Card) पर उस सब्जेक्ट के आगे "Not-Completed" लिखा हुआ आएगा। आपको पास होने के लिए दोनों में अपने कोर्स के मुताबिक 35 या 40 नंबर लाने ही होंगे।

4. इग्नू ग्रेडिंग सिस्टम और डिवीजन चार्ट

इग्नू फाइनल रिजल्ट तैयार करते समय 70% वेटेज थ्योरी एग्जाम को और 30% वेटेज असाइनमेंट को देता है। आपके अंकों के आधार पर जो ग्रेड मिलते हैं, उनका चार्ट नीचे दिया गया है:

ग्रेड (Grade)पॉइंट (Point)मतलब (Qualitative)प्रतिशत (Percentage Range)
A5Excellent80% और उससे ऊपर
B4Very Good60% से 79.9%
C3Good50% से 59.9%
D2Satisfactory40% से 49.9% (मास्टर के लिए फेल, बैचलर के लिए पास)
E1Unsatisfactory35% से 39.9% (बैचलर के लिए पास)
F0Failed35% या 40% से नीचे

✨ इग्नू परीक्षा में अच्छे मार्क्स लाने के 3 सीक्रेट टिप्स

  1. Previous Year Question Papers: इग्नू की परीक्षा में पिछले 3 से 5 साल के पेपर्स से बहुत सारे सवाल सीधे रिपीट होते हैं। परीक्षा से पहले उन्हें जरूर सॉल्व करें।

  2. Assignment को हल्के में न लें: असाइनमेंट के मार्क्स आपकी फाइनल पर्सेंटेज को बढ़ाने में बूस्टर का काम करते हैं। इन्हें साफ-सुथरी हैंडराइटिंग में और सटीक कंटेंट के साथ लिखें।

  3. To-The-Point Answer: इग्नू में कॉपियाँ भरते समय फालतू की बातें लिखने के बजाय हेडिंग्स और बुलेट पॉइंट्स का इस्तेमाल करके टू-द-पॉइंट आंसर लिखने पर ज्यादा मार्क्स मिलते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

संक्षेप में कहें तो, 100 नंबर के पेपर में BA/B.Com वालों को 35 नंबर और MA/M.Com/MBA वालों को 40 नंबर लाने होते हैं। अपने असाइनमेंट समय पर जमा करें और थ्योरी की अच्छे से तैयारी करें ताकि आपका ग्रेड कार्ड पहली बार में ही 'Completed' दिखाई दे।

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